बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

संजीव बजाज, बजाज फिनसर्व लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जो भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े ग्रुप में से एक बजाज ग्रुप के फाइनेंशियल सर्विसेज़ बिज़नेस की होल्डिंग कंपनी है, जिसका समेकित राजस्व ₹1,50,530 करोड़ (USD 15.9 बिलियन) से अधिक है और फाइनेंशियल वर्ष 2025-26 के लिए टैक्स के बाद समेकित लाभ ₹8,800 करोड़ (USD 1 बिलियन) से अधिक है. 31 मार्च, 2026 तक, तीनों लिस्टेड कंपनियों - बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और बजाज हाउसिंग फाइनेंस की संयुक्त मार्केट कैप ₹8,20,716 करोड़ (USD 86.5 बिलियन) है.

राजीव जैन, (इनका जन्म 06 सितंबर 1970 को हुआ था), ये हमारी कंपनी के वाइस चेयरमैन और भूतपूर्व मैनेजिंग डायरेक्टर हैं. बजाज फाइनेंस में राजीव ने कंपनी के लिए एक महत्वाकांक्षी विकास पथ तैयार किया है. यह कंपनी इन्फ्लेक्शन पॉइंट पर है और उसे कैप्टिव फाइनेंस कंपनी से लेकर आज भारत में मौजूद सबसे विविध नॉन-बैंक तक काफी तेजी से बढ़त मिलती है.

डॉ. अरिंदम कुमार भट्टाचार्य ने BCG में इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, इन्वेस्टर ,और सीनियर एडवाइज़र के पद पर काम किया और यहीं से सीनियर पार्टनर और मैनेजिंग डायरेक्टर के रूप में रिटायर हुए. BCG में उन्होंने कई नेतृत्व वाली भूमिकाएं निभाई और BCG के Bruce Henderson Institute के को-लीडर और फाउंडर थे. उन्होंने लगभग छह वर्षों तक देश में BCG का संचालन करते हुए BCG India का नेतृत्व किया. वे Global Advantage Practice की ग्लोबल लीडरशिप टीम के सदस्य थे और इससे पहले इंडस्ट्रियल गुड्स, पब्लिक सेक्टर और सोशल इम्पैक्ट प्रैक्टिसेज़ की ग्लोबल लीडरशिप टीम के सदस्य थे और BCG के Global Advantage Practice के फाउंडर और को-लीडर थे. BCG फेलो के रूप में उन्होंने ग्लोबलाइज़ेशन पर रिसर्च किया है और दो किताबें, ग्लोबलिटी- कॉम्पिटिंग विद एवरीवन फ्रॉम एवरीवेयर फॉर एवरीवन, और बियॉन्ड ग्रेट - नाइन स्ट्रैटेजीज़ फॉर थ्राइविंग इन ए एरा ऑफ सोशल टेंशन, इकोनॉमिक नेशनलिज्म एंड टेक्नोलॉजिकल रेवोल्यूशन लिखने के साथ-साथ इस विषय पर कई आर्टिकल लिखे हैं.

अनामी नारायण रॉय हमारी कंपनी के गैर-कार्यकारी और स्वतंत्र निदेशक हैं, आपका जन्म 15 मई 1950 को हुआ था. आप पूर्व पुलिस महानिदेशक रहे हैं, महाराष्ट्र में भारतीय पुलिस सेवा में सेवाएं प्रदान की हैं और 38 वर्षों से अधिक समय तक भारत सरकार की सेवा की है. आपने औरंगाबाद, पुणे और मुंबई में पुलिस आयुक्त के तौर पर देश की सेवा की, साथ ही महाराष्ट्र और केंद्र सरकार दोनों के साथ अनगिनत असाइनमेंट्स पर कार्य किया तथा महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक के पद से सेवानिवृत्ति प्राप्त की.

सुश्री जैस्मिन चैनी ने सिडेनहम कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया है और सोमैया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च, मुंबई यूनिवर्सिटी से मैनजेमेंट स्टडीज़ इन फाइनेंस में मास्टर्स हैं. आपके पास CRISIL लिमिटेड (अब CRISIL रेटिंग्स लिमिटेड कहते हैं) के साथ लगभग तीन दशक तक काम करने का अनुभव है, जहां आपने मैनेजमेंट में अपनी भूमिका निभाई है.

अजय कुमार चौधरी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में तीन दशकों से अधिक समय के शानदार करियर के साथ एक विशिष्ट केंद्रीय बैंकर हैं. उन्होंने अक्टूबर 2023 में संस्थान में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से अपनी समर्पित सेवाओं का समापन किया. श्री चौधरी का बैंकिंग विनियमन, सुपरविजन, फिनटेक और पेमेंट्स एंड सेटलमेंट सिस्टम्स के क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाओं में काम करते हुए उत्कृष्ट अनुभव और उपलब्धियों का एक प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड है.
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

संजीव बजाज, बजाज फिनसर्व लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर हैं, जो भारत के सबसे पुराने और सबसे बड़े ग्रुप में से एक बजाज ग्रुप के फाइनेंशियल सर्विसेज़ बिज़नेस की होल्डिंग कंपनी है, जिसका समेकित राजस्व ₹1,50,530 करोड़ (USD 15.9 बिलियन) से अधिक है और फाइनेंशियल वर्ष 2025-26 के लिए टैक्स के बाद समेकित लाभ ₹8,800 करोड़ (USD 1 बिलियन) से अधिक है. 31 मार्च, 2026 तक, तीनों लिस्टेड कंपनियों - बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस और बजाज हाउसिंग फाइनेंस की संयुक्त मार्केट कैप ₹8,20,716 करोड़ (USD 86.5 बिलियन) है.
संजीव के नेतृत्व में, बजाज फिनसर्व लिमिटेड लेंडिंग, लाइफ इंश्योरेंस, जनरल इंश्योरेंस और इन्वेस्टमेंट के समाधान के साथ भारत की अग्रणी और सबसे विविध फाइनेंशियल सर्विसेज़ कंपनियों में से एक के रूप में उभरी है. कंज्यूमर-फर्स्ट, डिजिटल दृष्टिकोण और इनोवेशन पर केंद्रित संस्कृति के साथ, इसने भारत में डिजिटल कंज्यूमर फाइनेंसिंग को नया रूप दिया है.
संजीव बजाज फाइनेंस लिमिटेड, बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड, बजाज लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड, बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड और महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में अपनी ग्रुप ऑपरेटिंग कंपनियों के बोर्ड में हैं. वे बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं (2012 से); साथ ही वे बजाज ऑटो लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर भी हैं.
संजीव फाइनेंशियल वर्ष 2022-23 में Confederation of Indian Industry (CII) के प्रेसिडेंट थे.
वे J.P. Morgan - Asia Pacific Council के मेंबर, Brookings Institute, USA की इंटरनेशनल एडवाइजरी काउंसिल के मेंबर और Global Finance & Technology Network (GFTN) के इंटरनेशनल एडवाइजरी बोर्ड के मेंबर हैं. संजीव, World Economic Forum के साथ पार्टनरशिप में कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की एक पहल, इंडिया स्किल्स एक्सेलेरेटर्स के को-चेयर हैं. वे Indian School of Business (ISB) के बोर्ड के मेंबर भी हैं.
संजीव, India@100 Foundation के भी चेयरपर्सन हैं, जो CII का नॉन-प्रॉफिट प्रोग्राम है. यह अगली पीढ़ी के सुधारों को बढ़ावा देता है, जिससे भारत के समावेशी आर्थिक विकास के विज़न को दिशा मिलती है, इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है, भारत के सांस्कृतिक प्रभाव को मज़बूत किया जाता है और पर्यावरण के अनुकूल तरक्की सुनिश्चित होती है.
इन वर्षों के दौरान, फाइनेंशियल सर्विसेज़ क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया हैं, जिनमें शामिल हैं:
- Financial Express द्वारा ‘बेस्ट बैंक्स 2026’ के तहत लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड
- वर्ष 2023 का AIMA-JRD टाटा कॉर्पोरेट लीडरशिप अवॉर्ड
- लक्ष्मीपत सिंघानिया IIM लखनऊ नेशनल लीडरशिप अवॉर्ड, 2023. यह अवार्ड उन्हें भारत की माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से प्राप्त हुआ था
- Economic Times बिज़नेस लीडर ऑफ द इयर 2018
- Financial Express बेस्ट बैंकर ऑफ द इयर 2017
- Ernst & Young एंटरप्रेन्योर ऑफ द इयर 2017
- 2015 और 2016 के लिए भारत में बिज़नेस वर्ल्ड के सबसे मूल्यवान सीईओ
संजीव ने पुणे विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री, University of Warwick, UK से मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री और Harvard Business School, USA से बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर डिग्री प्राप्त की है. वे अपनी पत्नी शेफाली और दो बच्चों के साथ पुणे में रहते हैं.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- बजाज फिनसर्व लिमिटेड
- बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड
- महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड
- बजाज फाइनेंस लिमिटेड
- बजाज ऑटो लिमिटेड
- बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड
- बजाज लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड
- बजाज फिनसर्व एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड
- बजाज ऑटो होल्डिंग्स लिमिटेड
- Bachhraj and Company Private Limited
- Bachhraj Factories Private Limited
- बजाज सेवाश्रम प्राइवेट लिमिटेड
- Kamalnayan Investment and Trading Private Limited
- Rupa Equities Private Limited
- Sanraj Nayan Investments Private Limited
- Jamnalal Sons Private Limited
- Rahul Securities Private Limited
- Mahakalpa Arogya Pratisthan
- Indian School of Business
- Bhoopati Shikshan Pratisthan
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

राजीव 2007 में बजाज फिनसर्व ग्रुप में बजाज फाइनेंस लिमिटेड के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में शामिल हुए और 2015 में मैनेजिंग डायरेक्टर बन गए. उनके नेतृत्व ने बजाज फाइनेंस को एक कैप्टिव सिंगल-प्रॉडक्ट ऑटो फाइनेंस कंपनी से एक सर्वव्यापी और टेक्नोलॉजी-आधारित एजाइल फाइनेंशियल पावरहाउस में बदलने में सक्षम बनाया है, जो उपभोक्ताओं और बिज़नेस को लोन प्रॉडक्ट, भुगतान और इन्वेस्टमेंट का पूरा स्पेक्ट्रम प्रदान करता है.
उनकी रणनीतिक दिशा के तहत, बजाज फाइनेंस ने लोन लेने वाले लाखों नए उपभोक्ताओं को औपचारिक फाइनेंशियल सिस्टम में शामिल किया और उन्हें अपनी जीवन की रोजमर्रा की ज़रूरतों के लिए फाइनेंस के साथ सशक्त बनाया. विभिन्न कंज्यूमर लेंडिंग बिज़नेस, जैसे, ऑटो लोन, ड्यूरेबल लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड को मैनेज करने में लगभग 3 दशकों का शानदार अनुभव रखने वाले इंडस्ट्री के दिग्गज राजीव ने बजाज फाइनेंस के साथ 18 वर्ष बिताए हैं, जहां उन्होंने स्टेकहोल्डर्स के लिए लॉन्ग-टर्म वैल्यू बनाने के लिए सस्टेनेबल बिज़नेस और बड़े पैमाने पर डिजिटल बदलावों को आगे बढ़ाया है.
राजीव अपने इनोवेटिव और अलग तरह के विचारों के लिए जाने और सराहे जाते हैं. उन्होंने उभरती हुई डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करके कस्टमर को तेज समाधान और परेशानी मुक्त अनुभव प्रदान किया है, जो आजकल के बदलते डिजिटल दौर के लिए आवश्यक है.
बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के वाइस चेयरमैन के रूप में, वे अपनी मैनेजमेंट टीम को रणनीतिक रोडमैप को निर्धारित करने के लिए गाइड करते हैं. उन्हें बजाज फाइनेंस लिमिटेड के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर और बजाज फिनसर्व लिमिटेड के नॉन-एग्जीक्यूटिव और नॉन-इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के रूप में भी नियुक्त किया गया है.
बजाज फाइनेंस से पहले, राजीव GE, American Express और American International Group (आईजी) के साथ काम करते थे, जहां उन्होंने विभिन्न सीनियर लीडरशिप भूमिकाएं निभाईं थीं. एआईजी में कंज्यूमर लेंडिंग बिज़नेस के डिप्टी सीईओ पद पर रहते हुए, राजीव ने एआईजी कंज्यूमर बिज़नेस को भारत में प्रवेश दिलाने के लिए एक रणनीतिक फ्रेमवर्क तैयार किया था.
राजीव टी. ए पाई मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट, मणिपाल से मैनेजमेंट ग्रेजुएट है, साथ ही उनके पास अमेरिकन कॉलेज, मदुरई से कॉमर्स में बैचलर डिग्री है.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- बजाज फाइनेंस लिमिटेड
- बजाज फिनसर्व लिमिटेड
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

उन्होंने पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला से कॉमर्स में बैचलर डिग्री (ऑनर्स इन अकाउंटिंग) और बिज़नेस एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर की डिग्री प्राप्त की है. उनके पास मुख्य रूप से रिटेल फाइनेंस सेक्टर के विभिन्न क्षेत्रों में 34 वर्षों से अधिक का अनुभव है.
बीएचएफएल से जुड़ने से पहले, उन्होंने विभिन्न समय पर बजाज फाइनेंस लिमिटेड में रिस्क, डेट मैनेजमेंट और रूरल बिज़नेस को संभाला.
वे किसी अन्य बॉडी कॉर्पोरेट में कोई डायरेक्टरशिप या फुल-टाइम पोजीशन नहीं रखते हैं.
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

डॉ. अरिंदम भट्टाचार्य हमारी कंपनी के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं. उनके पास बिज़नेस की दुनिया में 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है और औद्योगिक क्षेत्र के लिए परामर्श देने में विशेषज्ञता हासिल है. डॉ. भट्टाचार्य Boston Consulting Group (बीसीजी), भारत के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीनियर पार्टनर के रूप में रिटायर हुए हैं.
डॉ. भट्टाचार्य पहले National Council of Confederation of Indian Industry के राष्ट्रीय परिषद में सदस्य थे और इसकी National Manufacturing Council के सह-अध्यक्ष भी रहे हैं. वह Indian School of Business के Munjal School for Global Manufacturing, University of California, सैन डिएगो में School of Global Policy and Strategy और Oxford India Centre for Sustainable Development के अंतरराष्ट्रीय सलाहकार बोर्ड में हैं. भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक स्वास्थ्य NGO,. WISH Foundation और Lemon Tree Hotels दोनों के बोर्ड में वह शामिल हैं.
उन्होंने भारत में Eicher Group के साथ एक ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र के विषयों पर केंद्र और राज्य सरकारों के साथ बीसीजी की बढ़ती भागीदारी का भी नेतृत्व किया और World Food Programme, Save the Children, Gates Foundation और World Bank जैसी संस्थाओं के साथ बतौर सलाहकार भी जुड़े रहे.
डॉ. भट्टाचार्य ने IIT खड़गपुर, IIM अहमदाबाद से शिक्षा प्राप्त की है. उन्होंने मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम में MSc की डिग्री हासिल की और Warwick Manufacturing Group, University of Warwick, UK से इंजीनियरिंग डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- बजाज होल्डिंग्स एंड इन्वेस्टमेंट लिमिटेड
- बजाज फाइनेंस लिमिटेड
- Arindam Advisory Services Private Limited
- गाजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट लिमिटेड
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

श्री अनामी एन रॉय एक प्रतिष्ठित पूर्व सिविल सेवक हैं, जिन्होंने 38 वर्षों से अधिक समय तक भारतीय पुलिस सेवा, महाराष्ट्र और भारत सरकार की सेवा की है. उन्होंने महाराष्ट्र और केंद्र सरकार में विभिन्न प्रकार के पदों पर कार्य किया, जिनमें औरंगाबाद, पुणे और मुंबई के पुलिस आयुक्त का पद भी शामिल है. वह महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेशक के रूप में रिटायर हुए हैं.
सेवा में रहते हुए, उन्होंने प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवारों की निकटतम सुरक्षा की देखभाल करने वाले इलीट स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप के संचालन का नेतृत्व किया था. 'पीपल्स कमिश्नर' के नाम से लोकप्रिय श्री रॉय ने नागरिकों की समस्याओं को हल करने और अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए सिटीजन फैसिलिटेशन सेंटर, मुंबई पुलिस इन्फोलाइन, एल्डरलाइन, स्लम पुलिस पंचायत जैसी कई योजनाएं शुरू की थीं.
श्री अनामी एन रॉय को भारत के राष्ट्रपति द्वारा 2014 में संयुक्त राज्य आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के राज्यपाल के सलाहकार के रूप में नियुक्त किया गया था. उस समय राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ था. इस अवधि के दौरान, उन्होंने गृह, उद्योग एवं खनन, आवास, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा आदि सहित राज्य सरकार के 16 विभिन्न विभागों के मंत्री की भूमिका निभाई थी.
रिटायरमेंट के बाद से वह सोशल/गैर-लाभकारी क्षेत्र में सक्रिय हैं. वे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे गरीब तबके की आजीविका को सपोर्ट करने के लिए कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी 'वंदना फाउंडेशन' चलाते हैं.
वे कई प्रमुख कंपनियों के बोर्ड पर हैं. वे सलाहकार के रूप में कई अन्य कंपनियों में भी शामिल है. वे उनके साथ सार्वजनिक सेवा का व्यापक और समृद्ध अनुभव लेकर राज्य और केंद्रीय स्तर पर सरकारों का कार्य करते हैं.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- बजाज फिनसर्व लिमिटेड
- बजाज फाइनेंस लिमिटेड
- बजाज ऑटो लिमिटेड
- सीमेंस लिमिटेड
- एलिवेट कैंपस लिमिटेड
- Vandana Foundation
- गुड होस्ट स्पेसेज़ (सोनीपत) प्राइवेट लिमिटेड
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

सुश्री जैस्मिन चैनी ने सिडेनहम कॉलेज से कॉमर्स में ग्रेजुएशन किया है और के.जे. सोमैया इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज़ एंड रिसर्च, मुंबई यूनिवर्सिटी से फाइनेंस में मास्टर्स इन मैनेजमेंट स्टडीज की डिग्री ली है. उनके पास क्रिसिल लिमिटेड (अब क्रिसिल रेटिंग लिमिटेड कहते हैं) के साथ लगभग तीन दशक तक काम करने का अनुभव है जिसमें वे एनालिटिकल और बिज़नेस डेवलपमेंट विभाग में कार्यरत रहीं थीं.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- बजाज फाइनेंशियल सिक्योरिटीज़ लिमिटेड
- बजाज फिनसर्व हेल्थ लिमिटेड
- महाराष्ट्र स्कूटर्स लिमिटेड
- बजाज फिनसर्व डायरेक्ट लिमिटेड
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

एस एम नरसिम्हा स्वामी हमारी कंपनी में इन्डिपेंडेंट डायरेक्टर हैं. इन्होंने Sri Venkateswara University, तिरुपति से कॉमर्स में स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की है. इन्होंने Indian Institute of Bankers (अब Indian Institute of Banking and Finance) ("IIB") से एसोसिएट एग्ज़ामिनेशन पास की है और IIB के एक सर्टिफाइड एसोसिएट हैं. ये RBI के पूर्व रीजनल डायरेक्टर रहे हैं और इन्होंने 33 वर्षों तक विभिन्न पदों पर काम किया है, जिस दौरान इन्होंने मैनेजर के रूप में भूमिकाएं निभाई हैं और 11 वर्षों तक सुपरविज़न डिपार्टमेन्ट में अपनी सेवाएं दी हैं. ये 1990 में डायरेक्ट रिक्रूट ऑफिसर ग्रेड 'B' (मैनेजर) के रूप में RBI में शामिल हुए और चीफ जनरल मैनेजर तक पदोन्नत हुए और 2023 में चेन्नई ऑफिस से रीजनल डायरेक्टर के रूप में रिटायर हुए. इनके पास करेंसी मैनेजमेंट, नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों की देखरेख का अनुभव है और इन्होंने RBI, मुंबई के रीजनल ऑफिस में बैंकिंग सुपरविज़न के क्षेत्र में कार्य किया है.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- Vikasam Financial Services Private Limited
- Transaction Analysts (India) Private Limited
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स

श्री अजय कुमार चौधरी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में तीन दशकों से अधिक समय के शानदार करियर के साथ एक विशिष्ट केंद्रीय बैंकर हैं. उन्होंने अक्टूबर 2023 में संस्थान में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद से अपनी समर्पित सेवाओं का समापन किया. श्री चौधरी का बैंकिंग विनियमन, सुपरविजन, फिनटेक और पेमेंट्स एंड सेटलमेंट सिस्टम्स के क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाओं में काम करते हुए उत्कृष्ट अनुभव और उपलब्धियों का एक प्रमाणित ट्रैक रिकॉर्ड है.
श्री चौधरी वर्तमान में बोर्ड के नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) और इसकी सहायक कंपनियों के इंडिपेंडेंट डायरेक्टर हैं. वे कुछ अन्य संस्थाओं के बोर्ड में एक इंडिपेंडेंट डायरेक्टर भी हैं और कुछ अन्य फर्मों के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य करते हैं.
RBI में अपनी बहुआयामी भूमिका के दौरान श्री चौधरी ने केंद्रीय कार्यालय और क्षेत्रीय कार्यालयों में बैंकिंग रेगुलेशन और सुपरविजन, करेंसी मैनेजमेंट, पेमेंट और सेटलमेंट तथा अन्य महत्वपूर्ण कार्यों की निगरानी सहित विभिन्न ज़िम्मेदारियों को कुशलतापूर्वक संभाला है. उन्होंने फिनटेक विभाग और रिस्क मॉनिटरिंग जैसे प्रमुख विभागों में नेतृत्व भूमिकाओं में भी काम किया है. विशेष रूप से, उन्होंने सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (सीबीडीसी) के कार्यान्वयन, क्रिप्टो एसेट के प्रति रणनीतिक दृष्टिकोण का निर्माण, फिन-टेक से संबंधित संभावित नियामक सुरक्षा सीमाएं, टेक-स्प्रिंट और नियामक सैंडबॉक्स के कार्यान्वयन, RBI इनोवेशन हब और फिन-टेक के सभी पहलुओं पर व्यापक निगरानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में RBI की विकासात्मक और नवीन पहलों का नेतृत्व किया है. श्री चौधरी की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक है-'फ्रिक्शनलेस क्रेडिट' (अब ULI के नाम से जाना जाता है) प्लेटफॉर्म को लागू करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका, जिससे फाइनेंशियल सेक्टर में इनोवेशन को बढ़ावा देने का उनका भविष्यगत नज़रिया प्रदर्शित होता है.
श्री चौधरी ने विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय समूहों और फोरम में RBI का प्रतिनिधित्व किया है. उन्होंने भारत में बीसीबीएस द्वारा आयोजित नियामक स्थिरता मूल्यांकन कार्यक्रम (आरसीएपी) को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की टीम का नेतृत्व किया, और इसके अलावा वह विभिन्न देशों में आरसीएपी और अन्य असाइनमेंट्स के लिए अंतरराष्ट्रीय टीमों का हिस्सा भी रहे हैं. उन्होंने मॉरिशस में बैंक ऑफ मॉरिशस के डायरेक्टर ऑफ सुपरविजन के पद पर भी कार्य किया, यहां उनके दायित्वों में बैंकों, नॉन-बैंक डिपॉजिट लेने वाले संस्थानों और फॉरेक्स डीलर्स का रेगुलेशन और सुपरविजन शामिल थे.
श्री चौधरी के प्रकाशित शोधपत्रों में अन्य बातों के साथ-साथ काउंटरसाइक्लिकल कैपिटल बफर्स, सॉवरेन एसेट्स के लिए पूंजी की आवश्यकता, भारत में क्रेडिट रेटिंग एजेंसियों का डिफ़ॉल्ट अनुभव, कॉर्पोरेट इन्सॉल्वेंसी व्यवस्था और भारतीय बैंकिंग सिस्टम पर इसके प्रभाव जैसे विषय शामिल थे.
बॉडी कॉर्पोरेट्स में उनकी डायरेक्टरशिप और फुल-टाइम पोजीशन इस प्रकार हैं:
- National Payments Corporation of India
- NPCI International Payments Limited
- NPCI Bharat BillPay Limited
- NPCI BHIM Services Limited
- NPCI Tech Solutions Limited
- Truhome Finance Limited
- ऑरियनप्रो सॉल्यूशंस लिमिटेड
- ACER Credit Rating Private Limited
- Credavenue Private Limited
- बजाज फाइनेंस लिमिटेड
- Aassma Solutions Private Limited
यह भी देखें


